रानी तालाब मंदिर

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रानी तालाब मंदिर:-
रीवा के धर्मप्राण नरेश महाराज भाव सिंह के शासनकाल सन् 1675 में अनेक धार्मिक निर्माण कार्य हुये जिनमें रानी तालाब के पश्चिमी मेढ़ पर कालिका देवी जी का मनिदर प्रमुख है। इसी मन्दिर से लगा हुआ माँ बगलामुखी का मंदिर हैं। लोगों की मान्यता है, कि दतिया सिद्धपीठ के अलावा केवल रीवा का रानी तालाब ही ऐसी जगह है जहाँ माँ बगलमुखी बिराजी है। रानी तालाब तथा इस मन्दिर का निर्माण महाराज भाव सिंह की धर्मप्रिय महारानी अजबकुँवरि (चित्तोड़ के महाराज राज सिंह की सुपुत्री ने कराया था। देवी मन्दिर रानी तालाब नगरवासियों का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। देवी मन्दिर से भैरों मन्दिर बिछिया भी पहुँचा जा सकता है। देवी मन्दिर में वर्ष में दो बार नवरात्रि के समय मेला गया था। यहाँ दक्षिणमुखी हनुमान जी का मन्दिर दक्षिण दिशा की ओर लगभग 100 मीटर की दूरी पर स्थित है।
भैरों मन्दिर रीवा नगर के मध्य महाराजा भाव सिंह की पत्नी चित्तौड़ महाराज राज सिंह की पुत्री महारानी अजब कुँवरि ने रानी तालाब का निर्माण सन् 1691 में कराया था। इस तालाब के बीचों-बीच आज भी तीसरी-चौथी सदी का एक शिवालय मौजूद है। इस तालाब के मेड़ पर कालिका देवी का मन्दिर तथा पूर्वी मेड़ पर भैरो जी का मन्दिर है।